Amarnath Yatra: अमरनाथ तीर्थयात्रा के पहले पांच दिनों में बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचे इतने श्रद्धालु

by Gautam Pandey
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Amarnath Yatra 2023: 1 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के पहले पांच दिनों (1-5 जुलाई) में ही 67 हजार से ज्यादा शिव भक्तों ने अमरनाथ गुफा मंदिर के दर्शन कर लिए हैं. 31 अगस्त तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था जम्मू-कश्मीर के बालटाल बेस कैंप से बीते शनिवार को रवाना हुआ. बुधवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 1 जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से कुल 67,566 तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ गुफा मंदिर के दर्शन कर लिए हैं.

बता दें कि कल यानी बुधवार को बालटाल बेस कैंप और नुनवान बेस कैंप से कुल 18,354 तीर्थयात्री अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए रवाना हुए. जिसमें 12483 पुरुष, 5146 महिलाएं, 457 बच्चे, 266 साधु और 2 साध्वियां शामिल हैं. ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और अधिक तीर्थयात्री मंदिर के दर्शन करेंगे. एक आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, तीर्थयात्रियों को उनकी पूरी यात्रा के दौरान राज्य एजेंसियों और नागरिक विभागों द्वारा सभी आवश्यक चीजें और सुविधाएं उपलब्ध कराकर मदद की जा रही है.

62 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा का समापन 31 अगस्त 2023 को किया जाएगा. सरकारी बयान में कहा गया है कि शिविर निदेशकों की देखरेख में तीर्थ यात्रियों को लंगर, स्वास्थ्य सुविधाएं, पोनीवाला, पित्थूवाला, दांडीवाला समेत सेवा प्रदाताओं द्वारा सहायता, स्वच्छता और कई अन्य सहायता सहित सभी तरह की सुविधाएं दी जा रही है. तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए पुलिस, एसडीआरएफ, सेना, अर्धसैनिक बल, स्वास्थ्य, पीडीडी, पीएचई, यूएलबी, सूचना, श्रम, अग्निशमन और आपातकालीन, शिक्षा और पशुपालन सहित सभी विभागों ने अपने कर्मियों की तैनाती की है.

समुद्रतल से 13600 फीट की ऊंचाई पर है अमरनाथ गुफा

बता दें कि अमरनाथ गुफा मंदिर हिंदू धर्म के पवित्र और प्रमुख तीर्थस्थलों में एक है. ये जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर से करीब 135 किलोमीटर दूर उत्तर-पूर्व में समुद्रतल से 13,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. हर साल बड़ी संख्या में शिवभक्त यहां  बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आते हैं. कुछ लोग अमरनाथ को स्वर्ग प्राप्ति का मार्ग मानते हैं. तो कुछ मोक्ष प्राप्ति का स्थान भी कहते हैं. ऐसा कहा जाता है कि यहां जो भी शिव भक्त पहुंचता है वह भगवान शिव के स्वयंभू शिवलिंगम के दर्शन मात्र से धन्य हो जाता है. बेहद दुर्गम रास्तों से होकर ही अमरनाथ के पवित्र गुफा तक पहुंचा जा सकता है. जिसमें बहुत लंबी यात्रा और ऊंची चढ़ाई चढ़नी पड़ती है.

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