Anantnag Encounter: अनंतनाग में आज मुठभेड़ का छठवां दिन, घने जंगल में चल रहा सेना का अभियान

By Top Bihar

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Anantnag Encounter: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में पिछले 6 दिनों से सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. ये मुठभेड़ पिछले सप्ताह बुधवार की सुबह में शुरू हुई थी. जिसमें जिसमें अब तक सेना और पुलिस के तीन अधिकारियों समेत चार जवान शहीद हो चुके हैं. अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के गडोले जंगल में चल रही इस मुठभेड़ राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के कमांडर कर्नल मनप्रीत सिंह, भारतीय सेना के मेजर आशीष धोनक और पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी) हुमायूं भट बुधवार को शहीद हो गए. इसके बाद से सुरक्षा बल लगातार घने जंगल के बीच आतंकियों की तलाश कर रहे हैं. इस बीच जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि, शहीद जवानों का बदला लिया जाएगा और इसमें शामिल आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

जवानों की शहादत का लिया जाएगा बदला- मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि, “हम जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम अपने सैनिकों की मौत का बदला लेंगे. इसमें शामिल लोगों को करारा जवाब दिया जाएगा और उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी. पूरा देश आज हमारे बहादुर सैनिकों के साथ खड़ा है. मैं मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि जम्मू-कश्मीर के लोग भी आतंकवाद से छुटकारा चाहते हैं,” एलजी सिन्हा ने कहा, “हम सभी को क्षेत्र में आतंकवाद को हराने और सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने का संकल्प लेना चाहिए. विकसित भारत बनाने में इस क्षेत्र का योगदान किसी भी अन्य राज्य से कम नहीं होगा.”

घने जंगल में छिपे हैं आतंकी

रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले हफ्ते शुरु हुई मुठभेड़ में सेना और पुलिस के अधिकारियों को उस वक्त अपनी जान से हाथ धोना पड़ा जब सेना आतंकवादियों पर हमला करने के लिए पहाड़ी पर चढ़ने की कोशिश कर रही थी. सेना ने बताया कि छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाने और संदिग्ध आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा ड्रोन और क्वाडकॉप्टर तैनात किए गए हैं.

सुरक्षा बल जंगल के उन इलाकों को निशाना बनाने के लिए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल कर रहे हैं, जहां उन्हें आतंकवादियों के छिपे होने का संदेह है. बता दें कि यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है क्योंकि आतंकवादी वन क्षेत्र में एक पहाड़ी के ऊपर एक गुफा में छिपे हुए हैं. सुविधाजनक बिंदु आतंकवादियों को सशस्त्र टकराव को लम्बा खींचने में मदद करना है. इस बीच आतंकी जवानों पर रुक-रुककर गोलीबारी कर रहे हैं.

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