Tuesday, July 23, 2024
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Bihar: पंचायत प्रतिनिधियों को जल्द मिलेगा भत्ता, 79 करोड़ 10 लाख रुपए की स्वीकृति, जानिए किनके खाते में आएंगे कितने रुपए ?

बिहार में हाल ही में पंचायत चुनाव संपन्न कराए गए हैं. इसके साथ ही जिला परिषद अध्यक्ष और प्रखंड प्रमुख का भी चुनाव संपन्न हो गया है. अब बिहार के ग्राम पंचायत और कचहरी प्रतिनिधियों को मिलने वाला मासिक भत्ता जल्द ही उनके खाते में भेजे जाएंगे.

पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधियों को मासिक भत्ता देने के लिए 79 करोड़ 10 लाख रुपए की स्वीकृति दी है. जिसके बाद जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, पंचायत समिति के प्रमुख,उप प्रमुख, सदस्य, ग्राम पंचायत के मुखिया, उप मुखिया, सदस्य और ग्राम कचहरी के सरपंच, उप सरपंच, पंच को नियत मासिक भत्ता का भुगतान किया जाएगा
पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि जल्द ही पंचायत प्रतिनिधियों कचहरी प्रतिनिधियों के खाते में मासिक भत्ते की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा. पंचायत प्रतिनिधियों को मुख्य कार्यपालक राशि की निकासी कर जिला परिषद,पंचायत समिति और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों के खातों में स्थानान्तरित करेगी तो वहीं संबंधित जिला के पंचायत राज पदाधिकारी ग्राम कचहरी के सरपंचों और पंचों के बैंक खाताओं में राशि उपलब्ध कराएंगे
इन पदों पर रहने वालों को मिलता है मासिक भत्ता
दरअसल पंचायती राज विभाग पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधियों, जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, पंचायत समिति के प्रमुख,उप प्रमुख, सदस्य, ग्राम पंचायत के मुखिया, उप मुखिया, सदस्य और ग्राम कचहरी के सरपंच, उप सरपंच, पंच को मासिक भत्ता देती है.
जानिए किन्हें मिलेगा कितना भत्ता
जिला परिषद अध्यक्ष 12000 रुपए
जिला परिषद उपाध्यक्ष 10000 रुपए
पंचायत समिति प्रमुख 10000 रुपए
पंचायत समिति उप-प्रमुख 5000 रुपए
ग्राम पंचायत मुखिया 2500 रुपए
ग्राम पंचायत उप-मुखिया 1200 रुपए
ग्राम कचहरी सरपंच 2500 रुपए
ग्राम कचहरी उप-सरपंच 1200 रुपए
जिला परिषद सदस्य 2500 रुपए
पंचायत समिति सदस्य 1000 रुपए
ग्राम पंचायत सदस्य 500 रुपए
ग्राम कचहरी सदस्य (पंच) 500 रुपए
पंचायत प्रतिनिधि कर सकते हैं बॉर्डीगार्ड की मांग
इससे पहले पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि पंचायत प्रतिनिधि अपनी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन से बॉडीगार्ड की मांग कर सकते है. जांच के बाद संबंधित जन प्रतिनिधी किसी मामले में आरोपित नहीं हैं तो उन्हें छह माह के लिए बॉडीगार्ड उपलब्ध कराया जा सकता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि पंचायत प्रतिनिधी अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए लाइसेंसी हथियार भी रख सकते हैं
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