Thursday, June 20, 2024
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‘सिसोदिया ने अगर जासूसी करवाई तो CBI, ED और NIA कहां थी?’, राघव चड्ढा का केंद्र से सवाल

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर एक और मुकदमा दर्ज करने को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निशाना साधा. राघव चड्ढा ने कहा कि एक और झूठा मुकदमा फीडबैक यूनिट की आड़ में मनीष सिसोदिया पर किया गया है. बीजेपी आरोप लगाती है कि मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री और बीजेपी के सीनियर नेताओं की 2015 के बाद लगातार जासूसी करवाई. इसके चलते उन पर सीबीआई का एक और मुकदमा दर्ज हो गया.

राघव चड्ढा ने कहा कि मैं केंद्र में बैठी प्रचंड बहुमत की बीजेपी सरकार से पूछना चाहता हूं कि एक आधे राज्य का आधा उपमुख्यमंत्री पिछले आठ सालों से देश के प्रधानमंत्री मोदी और कितनी बड़ी प्रचंड बहुमत की बीजेप सरकार के नेताओं की जासूसी करवा रहा था, लेकिन इसकी कानो-कान खबर न केंद्र सरकार को थी और न केंद्र सरकार की एजेंसियों जैसे CBI, ED, NIA को थी.

अगर ऐसा हो रहा है तो सबसे बड़ा सवाल तो केंद्र सरकार की एजेंसियों पर खड़ा होता है. अगर आठ साल से दिल्ली की आधी सरकार का आधा उपमुख्यमंत्री आपकी जासूसी करवा रहा था और आपको आठ साल तक पता नहीं चला तो फिर चीन और पाकिस्तान तो आपके साथ क्या-क्या करता है? उसके साथ तो आप कुछ कर ही नहीं पाएंगे. राघव चढ्ढा ने कहा कि मैं बीजेपी वालों को कहना चाहता हूं कि अगर किसी ने जासूसी आपकी की है तो सबसे पहले NIA, RAW, IB के बड़े-बड़े अधिकारियों को सस्पेंड करें.

उनको पकड़कर जेल में डालें और उन पर मुकदमे करें, क्योंकि वह चूक गए. मैं बीजेपी वालों को हिदायत देना चाहता हूं कि आरोपों ऐसा लगाओ कि लोग विश्वास तो करें. फीडबैक यूनिट की आड़ में मनीष सिसोदिया पर दर्ज की गई FIR में फैक्ट नहीं हैं. फिक्शन पर आधारित है. यह बीजेपी के मन के ख्याल हैं. इनका एक ही मकसद है कि मनीष सिसोदिया बाहर न आने पाएं. एक मुकदमे में जमानत मिले तो दूसरा मुकदमा हो जाए. दूसरे में जमानत में मिले तो तीसरा हो जाए.

अरविंद केजरीवाल का दाहिना हाथ मनीष सिसोदिया जेल से बाहर न आने पाए, इसी कोशिश में पूरी केंद्र सरकार लगी हुई है. राघव चड्ढा ने कहा कि दूसरा मुद्दा यह है कि बीजेपी दिल्ली विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आना चाह रही है. दिल्ली में सरकार बनाने के लिए 70 में से 36 विधायक चाहिए होते हैं. आम आदमी पार्टी के पास 70 में से 62 विधायक हैं और बीजेपी के पास केवल 8 विधायक हैं.

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